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Mahabharat Anubhav Kendra
Mahabharat Anubhav Kendra
Mahabharat Anubhav Kendra- प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में 25.11.2025 को ज्योतिसर, कुरुक्षेत्र में महाभारत अनुभव केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अनुभव केंद्र का निरीक्षण किया व। इसके अंदर में माध्यम से महाभारत से जुड़े हुए विभिन्न दृश्यों को दिखाया गया है।
इस केंद्र में 3D मैपिंग व आकर्षक प्रदर्शनियों व लाइट एंड साउंड शो के के माध्यम से महाभारत से संबंधित दृश्य को लाइव दिखाए जाएगा। इसकी टिकट प्राइस लगभग ₹200 रखी गई है। इसका समय सुबह 10 से रात्रि 8:00 बजे रखा गया है जिसमें टिकट ऑनलाइन ऑफलाइन उपलब्ध है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वयं इस अनुभव केंद्र की प्रशंसा करते हुए देशवासियों से आवाहन किया है कि वे कुरुक्षेत्र अवश्य जाएं वे महाभारत से जुड़े हुए तथ्यों व दृश्यों का अनुभव करें।
गीता महोत्सव
कुरुक्षेत्र में प्रतिवर्ष हरियाणा सरकार के द्वारा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस महोत्सव के विविध आयाम है यह महोत्सव दिन प्रतिदिन प्रसिद्ध होता जा रहा है जिसमें भारत के अनेक राज्य व कई दुनिया के कई देश प्रतिभाग करने लगे हैं। इस महोत्सव में विविध कार्यक्रम, स्पर्धाएं व क्राफ्ट मेला आयोजित किया जाता है। इस बार २०२५ में ये मेला 15 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक आयोजित किया जा रहा है। यह 21 दिन तक निरंतर चलेगा जिसमें लाखों लोग प्रतिभाग करते हैं।
मूल रूप में यह गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को संपन्न होती है परंतु श्रीमद् भगवत गीता के 18 अध्याय को देखते हुए इसका विस्तार 18 दिन तक कर दिया गया इस वर्ष है 21 दिन तक चलेगा। गीता जयंती महोत्सव का उद्घाटन प्रतिवर्ष भारत के गणमान्य राष्ट्रपति/ उपराष्ट्रपति आदि के द्वारा किया जाता है इस मेले में कुरुक्षेत्र से संबंधित स्थानों पर अनेक कार्यक्रम आयोजित होते हैं जैसे गीतापाठ, गीता श्लोक उच्चारण, सामूहिक गीतापाठ, लोकनृत्य, दीपदान, गीता सेमिनार, गीता क्विज इत्यादि। इस वर्ष गीता सेमिनार का विषय धर्म रखा गया है। मूल रूप में यह जयंती मार्ग शीर्ष शुक्ल एकादशी को संपन्न होती है परंतु श्रीमद् भागवत गीता के 18 अध्याय को देखते हुए इसका विस्तार 18 दिन तक कर दिया गया इस वर्षीय है 21 दिन तक चलेगा। गीता जयंती महोत्सव का उद्घाटन प्रतिवर्ष भारत के गणमान्य राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति आदि के द्वारा किया जाता है इस मेले में कुरुक्षेत्र से संबंधित व्यवस्थाओं पर अनेक कार्यक्रम आयोजित होते हैं जिसे गीता पाठ गीता श्लोक उच्चारण सामूहिक गीता पाठ लोक नृत्य दीपदान गीता सेमिनार गीता क्विज इत्यादि। इस मेले में उत्तरी भारत के विविध राज्यों जम्मू कश्मीर पंजाब हिमाचल हरियाणा व राजस्थान से व्यापारी दुकान लगाते हैं व विविध राज्यों के भोज्य पदार्थ की स्टाल लगती है।
कश्मीरी शॉल साड़ियां व हिमाचली सर्दी के कपड़े, राजस्थानी साड़ियां, पानीपत की जूतियां, मिट्टी के बर्तन, साज सज्जा के विविध सामग्रियां, गुहाना जलेब आदि इस मेले की विशिष्ट पहचान है।
यह महाभारत व गीता की संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है इसमें देश दुनिया से दर्शनार्थी पहुंचते हैं। इस वर्ष गीता महोत्सव में पार्टनर राज्य मध्यप्रदेश व पार्टनर कंट्री ऑस्ट्रेलिया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी अंतर्राष्ट्रीय गीता सेमिनार का आयोजन होता है जिसमें दुनिया के कई देशों से शोध छात्र शोधपत्र वाचन हेतु आते हैं। इस वर्ष गीता सेमिनार का विषय गीतोक्त स्वधर्म रखा गया है।
हरियाणा में आयोजित होने वाले सूरजकुंड मेले के बाद यह है दूसरा प्रसिद्ध उत्सव व मेला बन गया है।
गीता महोत्सव के विविध रंग-

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