ऑपरेशन सिंदूर –आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नीति को पुनर्भाषित करना,   ऑपरेशन सिंदूर पर कविता

   ऑपरेशन सिंदूर –आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नीति को पुनर्भाषित करना-

प्रस्तावना व नामकरण

 २२-०४-२०२५ को कश्मीर की पहलगाम घाटी में निरपराध व पूर्णत: आश्वस्त होकर अपने परिवार, बच्चों व इष्ट मित्रों के साथ प्रकृति की गोद में भ्रमण कर रहे भारतीय हिंदू पर्यटकों पर आतंकियों द्वारा पहलगाम में किये गये अमानवीय, क्रूर व कुत्सित कृत्य के विरुद्ध भारतीय सेना की कार्यवाही का नाम ऑपरेशन सिन्दूर रखा गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अनेक बार यह कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्यवाही नहीं है अपितु यह भारत की भावनाओं का सम्मान व नारी सुरक्षा की सनातन परंपराओं का निर्वाह है। भारतीय संस्कृति में नारी की अस्मिता, चरित्रता, पवित्रता व उसकी गरिमा की रक्षा हेतु ही महाभारत व रामायण जैसे युद्ध हो गए हैं, ऐसे में वर्तमान सरकार ने सैन्य कार्यवाही का नाम ऑपरेशन सिंदूर रख करके नारी अस्मिता की इसी सनातन परम्परा का निर्वाहन किया है। इस ऑपरेशन का नामकरण स्वयं  प्रधानमंत्री  जी ने किया है इससे  सिद्ध है कि राजा भारतीय संस्कृति की समझ के साथ ही उसकी रक्षा हेतु तत्पर है।

 आतंकवाद के विरुद्ध भारत की रीति नीति

आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नीति आरम्भ से ही स्पष्ट रही है- ‘निर्दोष प्रजा को छेड़ना नही व आतंकियों को छोड़ना नहीं’। भारत आगे से ही अकारण प्रथम प्रहार नही करता परन्तु छेड़ने पर घुस कर वार भी करता है। यह तथ्य पिछले कुछ वर्षों में किये गये सैन्य अभियानों  सर्जिकल-स्ट्राइक आदि से स्पष्ट है। आतंकवाद के विरुद्ध भारत की यही नीति ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ से पुन: परिभाषित हुई है। ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ अभियान के पश्चात् रक्षामन्त्री राजनाथ सिंह जी ने यह स्पष्ट किया है कि भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध ‘जिन्ह मोहि मारा तिन्ह मैं  मारेहु’ की नीति का अनुगमन किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बार यह कहा है कि आतंक के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा, यह अभियान ट्रेलर मात्र है, पिक्चर अभी बाकी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद के विरुद्ध भारतीय सेना व सरकार की नीति पुन: परिभाषित होती है जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि पाक से बात होगी तो केवल आतंकवाद पर होगी अथवा pok पर होगी। पाकिस्तान सेना द्वारा आतंकवाद का समर्थन करने पर प्रत्येक कार्यवाही का मुँहतोड़ जवाब दिया जायेगा, ‘उधर से गोली चली तो इधर से गोला चलेगा’

ऑपरेशन सिंदूर पर कविता –

ऑपरेशन सिंदूर को निम्न पंक्तियों से समझा जा सकता है-

ऑपरेशन सिन्दूर’साम्प्रदायिक क्रूरता के अन्त का उद्घोष है,

मेक इन इंडिया  हथियारों के  सफल परीक्षण का जयघोष है

हिन्दू नारी के विरुद्ध  षड्यन्त्रों के समापन का आरम्भ है,

विकसित भारत के भव्य-भवन की  नीव का प्रारंभ है

विश्व-शान्ति व मानव-कल्याण की भावना का उदात समर्थन है,

उत्तम सैन्य-पराक्रम, शौर्य ,रण-कौशल का अद्भुत प्रदर्शन है

प्रधानमंत्री के निज राष्ट्र व सांस्कृतिक समझ का प्रमाण है,

नारी रक्षार्थ रामायण, महाभारत की परम्परा का निर्वाहन है

जिन्ह मोहि मारा तिन्ह मै मारेहु की स्पष्ट नीति है ,

शेष प्रजा के प्रति हमारी भी बन्धुवद प्रीति है।

आतंकी मंसूबों को धूमिल करना लक्ष्य विशेष है,

 ऑपरेशन सिन्दूर है एक ट्रेलर पिक्चर अभी भी शेष है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पश्चात्-

 भारतीय नारी में सिंदूर के प्रति पुनः विश्वास का प्रतीक है ‘ऑपरेशन सिंदूर’। व्यक्तिगत तौर पर मैं अनेक महिलाओं को जानता हूं जो विवाहित होने पर भी अपनी मांग में सिंदूर नहीं भर रही थी परंतु ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन्हें मांग में सिन्दूर भरते हुए देखा है। महिलाओं में उनकी रक्षा को लेकर विश्वास जगा है, वे सिंदूरी साड़ियाँ पहन रही है, उन्होंने मध्यप्रदेश के सागर में सिन्दूर उद्यान की स्थापना की है जहाँ सिन्दूर के पौधे लगाये गये है।

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